Publish date : 03-01-2009
आम तौर पर विवाह को लेकर बिहार की चर्चा बाल विवाह, जबरन विवाह और दहेज प्रताडना को लेकर की जाती रही है पर बहुत कम लोगों को यह मालूम होगा कि बिहार में एक ऐसा भी समाज है जिनके बच्चों की शादियां बिना लेन देन और दहेज की रकम की होती हे' खास बात यह कि विवाह तय भी अभभिवक ही करते हैं और इसमें दुल्हा दुल्हन की कोइ भूमिका नहीं होती' दुल्हा और दुल्हन आइएएस अधिकारी हों यी कारपोरेट सेक्टर में कार्यरत हों या फिर य प्राईवेट नौकरियां कर रहे उनकी शादिय तिलक-दहेज जैसे कुरितियां नहीं हैा बिना तिलक दहेज
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